Koshish Karne Waalon Ki…

0
2916
views

Harivansh Rai Bachchan is remembered as one of the foremost Hindi poets of India. Among his many achievements is a Padma Bhushan award. 

The words of this particular poem are meant to encourage. Perseverance is the key to progress, Bachchan wants to say. He talks about the examples of perseverance that are all around us.


Poem Title: Koshish Karne Waalon Ki…
Poet: Harivansh Rai Bachchan
Language: Hindi
Recited by: Sneha Yadav

Full text in Hindi

लहरों से डर कर नौका पार नहीं होती,
कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती।

नन्हीं चींटी जब दाना लेकर चलती है,
चढ़ती दीवारों पर, सौ बार फिसलती है।
मन का विश्वास रगों में साहस भरता है,
चढ़कर गिरना, गिरकर चढ़ना न अखरता है।
आख़िर उसकी मेहनत बेकार नहीं होती,
कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती।

डुबकियां सिंधु में गोताखोर लगाता है,
जा जा कर खाली हाथ लौटकर आता है।
मिलते नहीं सहज ही मोती गहरे पानी में,
बढ़ता दुगना उत्साह इसी हैरानी में।
मुट्ठी उसकी खाली हर बार नहीं होती,
कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती।

असफलता एक चुनौती है, इसे स्वीकार करो,
क्या कमी रह गई, देखो और सुधार करो।
जब तक न सफल हो, नींद चैन को त्यागो तुम,
संघर्ष का मैदान छोड़ कर मत भागो तुम।
कुछ किये बिना ही जय जय कार नहीं होती,
कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती।

–हरिवंशराय बच्चन

More about the poem

Find the poem with interesting images to help denote the meaning here and the poet’s son’s rendition of the poem here.

 

mm

Karishma

Karishma is fascinated with language and how it contributes to identity. As a facilitator and educator, she wants to bring more storytelling into formal education...that is until formal education is overhauled altogether.

More Posts

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.