Kitabein (An Ode to Books)

About

Poem Title: Kitabein
Author: Safdar Hashmi
Storyteller: Ajay Dasgupta
Language: Hindi

Description

Kitabein is a poem by Safdar Hashmi about the beautiful world of books. Read more about Safdar Hashmi.
Image Courtesy: Kristine Full (http://www.flickr.com/photos/kristinefull/)

Full Text in Hindi

किताबें
करती हैं बातें
बीते ज़माने की
दुनिया की इंसानों की

आज की, कल की
एक – एक पल की
खुशियों की, ग़मों की
फूलों की, बमों की
जीत की, हार की
प्यार की, मार की !

क्या तुम नहीं सुनोगे
इन किताबों की बातें ?
किताबें कुछ कहना चाहती हैं
तुम्हारे पास रहना चाहती हैं |

किताबों में चिड़ियां चहचहाती हैं
किताबों में खेतियां लहलहाती हैं
किताबों में झरने गुनगुनाते हैं
परियों के किस्से सुनाते हैं |

किताबों में रोकेट का राज है
किताबों में साइंस की आवाज़ है
किताबों का कितना बड़ा संसार है
किताबों में ज्ञान का भंडार है |

क्या तुम इस संसार में
नहीं जाना चाहोगे ?
किताबें कुछ कहना चाहती हैं
तुम्हारे पास रहना चाहती हैं |

Additional Resources

This is a musical rendering of ‘Kitabein’ [Books] by Safdar Hashmi, sung at Baangi the opening ceremony of Sarkash – A Festival of Alternative Culture at Prithvi Theatre, Mumbai December 2010.


Read more here – http://jananatyamanch.org/node/135

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